Sutralok / Sat, Jan 17, 2026
बांग्लादेश : बांग्लादेश के गाजीपुर जिले में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक हिंदू कारोबारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक ने अपनी मिठाई की दुकान में काम करने वाले नाबालिग कर्मचारी को बचाने की कोशिश की थी।
मृतक की पहचान 55 वर्षीय लिटन चंद्र घोष उर्फ काली के रूप में हुई है। वह बैशाखी स्वीटमीट एंड होटल के मालिक थे। उनकी दुकान नगरपालिका क्षेत्र के पास बरनगर रोड पर स्थित थी।

मामूली विवाद बना जानलेवा
पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे मसूम मिया (28) दुकान पर पहुंचा। किसी छोटी-सी बात को लेकर उसका दुकान में काम करने वाले 17 वर्षीय कर्मचारी अनंत दास से विवाद हो गया।देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई।
कुछ ही देर बाद मसूम मिया के माता-पिता — मोहम्मद स्वपन मिया (55) और मजीदा खातून (45) भी मौके पर पहुंच गए और झगड़े में शामिल हो गए।
बीच-बचाव करना पड़ा भारी
जब दुकान मालिक लिटन चंद्र घोष ने बीच-बचाव कर अपने नाबालिग कर्मचारी को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया।
इसी दौरान लिटन के सिर पर फावड़े से वार किया गया।पुलिस के मुताबिक चोट इतनी गंभीर थी कि लिटन चंद्र घोष की मौके पर ही मौत हो गई।

गुस्साए लोगों ने आरोपियों को पकड़ा
घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। गुस्साए स्थानीय लोगों ने तीनों आरोपियों — मसूम मिया, स्वपन मिया और मजीदा खातून को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
कलिगंज थाने के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद जाकिर हुसैन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले
करीब 17 करोड़ की आबादी वाले मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में 2024 के सत्तापलट के बाद से हालात अस्थिर बने हुए हैं।
इस्लामी संगठनों की बढ़ती सक्रियता के बीच हिंदू, बौद्ध, ईसाई और सूफी मुस्लिम जैसे अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों में इजाफा देखा गया है।
बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद ने देशभर में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले सांप्रदायिक हिंसा बढ़ी है।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और उनकी संपत्तियों पर हमलों का एक चिंताजनक पैटर्न सामने आ रहा है।

उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को अक्सर व्यक्तिगत विवाद या राजनीतिक कारण बताकर कमतर आंका जाता है, जिससे कट्टरपंथी तत्वों का हौसला बढ़ता है और अल्पसंख्यकों में डर का माहौल बनता है।
हालांकि, बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने भारत की चिंताओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया है।
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