Sutralok / Fri, Mar 27, 2026
नई दिल्ली: आम जनता के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती का फैसला लिया है। न्यूज एजेंसी Press Trust of India (पीटीआई) के मुताबिक, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपए कर दिया गया है, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है।

सरकार का यह कदम ऐसे समय पर आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। Israel-Iran conflict के चलते क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
इस बढ़ोतरी से तेल कंपनियों पर भारी दबाव पड़ा है। अगर कीमतों में बढ़ोतरी की जाती, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता। ऐसे में सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखने की कोशिश की है।
एक्साइज ड्यूटी क्या होती है?
एक्साइज ड्यूटी एक प्रकार का इनडायरेक्ट टैक्स है, जो देश के भीतर बनने वाले उत्पादों पर लगाया जाता है। पेट्रोल-डीजल के मामले में, जब कच्चा तेल रिफाइनरी से प्रोसेस होकर बाहर आता है, तब केंद्र सरकार उस पर प्रति लीटर के हिसाब से फिक्स टैक्स वसूलती है।
कंपनियों को हो रहा था भारी नुकसान
पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri के अनुसार, पिछले एक महीने में वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में 30% से 50% तक की बढ़ोतरी हुई है। भारत में तेल कंपनियां फिलहाल पेट्रोल पर करीब 24 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपए प्रति लीटर का घाटा झेल रही हैं।

सरकार का कहना है कि यह फैसला कंपनियों के घाटे को कम करने और आम जनता को राहत देने के लिए लिया गया है। हालांकि, इस कदम से सरकार के राजस्व पर असर पड़ सकता है।
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